आईपीओ यानी इनीशियल पब्लिक ऑफर लाने की तैयारी में लगी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी बोट (BoAt) को झटका लग सकता है. कंपनी ने जो कागज पत्तर बैंकों के साथ साझा किये हैं उनकी जानकारी कथित तौर पर कंपनी के इंटर्नल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सेबी के सौंपे गए आईपीओ दस्तावेजों (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) में कंपनी ऑडिटर्स ने कई ऐसे मामलों का जिक्र किया है, जहां उधार देने वाले बैंकों को भेजी गई तिमाही रिपोर्ट और कंपनी के बही-खातों में अंतर पाया गया.
BoAt की पैरेंट कंपनी का नाम इमैजिन मार्केटिंग (Imagine Marketing) है. इसने खुलासा किया है कि पिछले कई सालों में ऑडिटर्स ने कई ऐसी टिप्पणियां और आपत्तियां दर्ज की थीं जो कंपनी के पक्ष में नहीं हैं. ये सभी कथित गड़बड़ियां वित्त वर्ष 2023, 2024 और 2025 से संबंधित थीं. ऑडिटर्स ने चिंता जताई कि कंपनी ने कई बार उधार के पैसे का इस्तेमाल उन कामों में किया, जिसके लिए वे मंजूर नहीं किए गए थे.
आईपीओ यानी इनीशियल पब्लिक ऑफर लाने की तैयारी में लगी कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी बोट (BoAt) को झटका लग सकता है. कंपनी ने जो कागज पत्तर बैंकों के साथ साझा किये हैं उनकी जानकारी कथित तौर पर कंपनी के इंटर्नल रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सेबी के सौंपे गए आईपीओ दस्तावेजों (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) में कंपनी ऑडिटर्स ने कई ऐसे मामलों का जिक्र किया है, जहां उधार देने वाले बैंकों को भेजी गई तिमाही रिपोर्ट और कंपनी के बही-खातों में अंतर पाया गया.
BoAt की पैरेंट कंपनी का नाम इमैजिन मार्केटिंग (Imagine Marketing) है. इसने खुलासा किया है कि पिछले कई सालों में ऑडिटर्स ने कई ऐसी टिप्पणियां और आपत्तियां दर्ज की थीं जो कंपनी के पक्ष में नहीं हैं. ये सभी कथित गड़बड़ियां वित्त वर्ष 2023, 2024 और 2025 से संबंधित थीं. ऑडिटर्स ने चिंता जताई कि कंपनी ने कई बार उधार के पैसे का इस्तेमाल उन कामों में किया, जिसके लिए वे मंजूर नहीं किए गए थे.